जिंदगी की बचत

 हम लोग अक्सर देखते है कि लोगों ने जीवन क्या बचाया है जैसे कितने घर बैंक बैलेंस आदि। बस इसी को आधार मान कर हम कह देते है कि अमुक व्यक्ति जीवन मे इतना कमाया।लेकिन हम ऐसा गलत सोचते है। असल मे जो हमने खर्च किया है वही हमारी असली कमाई है, बाकी जो भी शेष बच गया वो हमारे किसी काम का नही हैं। और वही इकट्ठा हो गया।

इसलिए जीवन मे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार खर्च करें अनावश्यक धन संचय न करें क्योंकि वो आपके किसी काम का नहीं।

पूत कपूत तो का धन संचय

पूत सपूत तो का धन संचय।

अर्थात आप स्वयं समझदार हैं।

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